नायक मंगत सिंह à¤à¤‚डारी का जनà¥à¤® 10 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 1968 को उतà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤–ंड के पौडी गढ़वाल जिले में हà¥à¤† था। वह 26 मई 1986 को 18 साल की उमà¥à¤° में सेना में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ हà¥à¤ और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 18 गढ़वाल राइफलà¥à¤¸ में नियà¥à¤•à¥à¤¤ किया गया। जो अपने साहसी सैनिकों और कई यà¥à¤¦à¥à¤§ समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के लिठजानी जाती है।
1999 तक नायक मंगत सिंह लगà¤à¤— 13 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ की सेवा दे चà¥à¤•े थे और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ इलाकों और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ वाले विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ परिचालन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में सेवा कर चà¥à¤•े थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤¶à¥à¤°à¥€ रेखा से शादी की और दंपति को दो बेटियां नीलम और मोनिका और बेटे नीरज का जनà¥à¤® हà¥à¤†à¥¤
1999 के दौरान, नायक मंगत सिंह की यूनिट 18 गढ़वाल राइफलà¥à¤¸ 8 माउंटेन डिवीजन का हिसà¥à¤¸à¤¾ थी जिसे कारगिल यà¥à¤¦à¥à¤§ में ऑपरेशन का नेतृतà¥à¤µ करने का काम सौंपा गया था। दà¥à¤°à¤¾à¤¸ सेकà¥à¤Ÿà¤° में पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट 5100 पर कबà¥à¤œà¤¼à¤¾ करने के बाद अगली महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ विशेषता जो सैनà¥à¤¯ रूप से महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ थी, वह पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट 4700 थी। इस सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ को पकड़ने के कारà¥à¤¯ के लिठ18 गढ़ रिफ को चà¥à¤¨à¤¾ गया था। जो अवलोकन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ राजमारà¥à¤— à¤à¤¨à¤à¤š 1डी पर हावी थी। योजना 29 जून 1999 को 0600 बजे तक फीचर पर कबà¥à¤œà¤¾ करने की थी। योजना के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 28 जून 1999 को 2030 बजे ऑपरेशन शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤†à¥¤ नायक मंगत सिंह हमलावर कंपनी का हिसà¥à¤¸à¤¾ थे जो दृढ़ आधार से उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ की ओर रवाना हà¥à¤ˆ थी।
रासà¥à¤¤à¤¾ बहà¥à¤¤ जोखिम à¤à¤°à¤¾ था और दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ लगातार तोपखाने और सà¥à¤µà¤šà¤¾à¤²à¤¿à¤¤ हथियारों से आगे बढ़ रहे सैनिकों को उलà¤à¤¾à¤ रखता था। दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ अचà¥à¤›à¥€ तरह से फंस चà¥à¤•ा था लेकिन नायक मंगत सिंह और उनके साथियों ने असाधारण वीरता और दृढ़ निशà¥à¤šà¤¯ का परिचय देते हà¥à¤ अपनी बढ़त जारी रखी। आख़िरकार 18 गढ़ रिफ़ की टà¥à¤•ड़ियों ने पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट 4700 पर बंकरों पर कबà¥à¤œà¤¼à¤¾ करने के लिठदà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ सैनिकों से आमने-सामने की लड़ाई लड़ी। अंततः 29 जून 1999 को 0400 बजे तक पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट 4700 पर कबà¥à¤œà¤¼à¤¾ करने का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ हासिल कर लिया गया। हालाà¤à¤•ि à¤à¤¾à¤°à¥€ गोलीबारी के दौरान नायक मंगत सिंह गंà¤à¥€à¤° रूप से घायल हो गये और वीरगति को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो गà¤à¥¤ नायक मंगत सिंह à¤à¤‚डारी à¤à¤• बहादà¥à¤° और समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ सैनिक थे जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सेना की उचà¥à¤šà¤¤à¤® परंपराओं का पालन करते हà¥à¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° की सेवा में अपना जीवन लगा दिया।
नायक मंगत सिंह के परिवार में उनकी पतà¥à¤¨à¥€ शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ रेखा à¤à¤‚डारी, दो बेटियां नीलम à¤à¤‚डारी और मोनिका à¤à¤‚डारी और à¤à¤• बेटा नीरज à¤à¤‚डारी हैं।
सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ विवेकानंद सà¥à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤²à¤¯ की ओर से नायक मंगत सिंह à¤à¤‚डारी को उनकी पà¥à¤£à¥à¤¯à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ पर बारंबार नमन !




